
रायपुर/बीजापुर।छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पत्रकार की हत्या कर दी गई। रिपोर्टर मुकेश चंद्राकर की लाश रिश्तेदार के बैडमिंटन कोर्ट कैंपस में बने सेप्टिक टैंक में मिली है। लाश क छिपाने के बाद टैंक को 4 इंच कंक्रीट से ढलाई कर पैक कर दिया गया था।
शनिवार को मुकेश चंद्राकर का अंतिम संस्कार किया गया। जांच में पता चला कि, मुकेश चंद्राकर का पहले गला घोंटा गया। बाद में सिर पर कुल्हाड़ी मारी। इस हमले से मुकेश के सिर पर ढाई इंच गड्ढा हो गया। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिश्तेदार सुरेश चंद्राकर के ठिकाने पर बुलडोजर भी चलाया गया है।
बीजापुर में हुई इस हत्या के बाद पत्रकारों में आक्रोश है। उन्होंने बीजापुर नेशनल हाइवे-63 पर 4 घंटे तक चक्काजाम किया। वहीं, रायपुर में भी धरना प्रदर्शन किया गया। पत्रकारों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की है।
1 जनवरी 2025 को शाम 7 बजे से मुकेश चंद्राकर घर से लापता हुए थे। अगले दिन 2 जनवरी को उनके भाई युकेश चंद्राकर ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस लगातार मुकेश के फोन को ट्रेस कर रही थी। फोन बंद होने की वजह से अंतिम लोकेशन घर के आस-पास का ही दिखा रहा था।
CCTV फुटेज भी खंगाले गए, जिसमें अंतिम बार मुकेश टी-शर्ट और शॉर्ट्स में दिखे। वहीं पत्रकारों ने भी अलग-अलग जगह पता किया। Gmail लोकेशन के माध्यम से लोकेशन ट्रेस किया गया, जिसमें मुकेश का अंतिम लोकेशन बीजापुर जिला मुख्यालय के चट्टानपारा में होना पाया गया।
यहीं पर मुकेश के रिश्तेदार (भाई) और ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर का बैडमिंटन कोर्ट परिसर है। मुकेश के सगे भाई यूकेश समेत अन्य पत्रकारों ने इसकी जानकारी बीजापुर जिले के SP जितेंद्र यादव और बस्तर के IG सुंदरराज पी को दी। पुलिस की टीम को भी उस इलाके में पहुंची।
इस दौरान कुछ पत्रकारों की नजर सेप्टिक टैंक पर गई। टैंक पर कंक्रीट का मोटा स्लैब डाला गया था, लेकिन उसमें एक भी चेंबर नहीं रखा था। अमूमन टैंक की सफाई के लिए एक हिस्से में चैंबर बनाया जाता है। यहां टैंक पूरी तरह से जब पैक दिखा तो शक हुआ।
पुलिस से टैंक तोड़वाने की मांग की गई। टैंक तोड़ते ही पानी में मुकेश की लाश मिली। शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए शव को अस्पताल भिजवाया गया।
हत्याकांड में पुलिस के संदेह के दायरे में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और सुरेश के भाई रितेश चंद्राकर हैं। कुछ दिन पहले मुकेश ने करीब 120 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़क की खस्ता हाल की खबर बनाई थी।









